क्रिप्टोकरेन्सिस ने डीसेंट्रलाइज़ेशन और गुमनामी की सुविधा देकर, फाइनांस की दुनिया को बदल कर रख दिया है। लेकिन इन्ही फीचर्स ने क्रिमिनल्स को crypto money laundering करने का मौका भी दिया हैं। आज हम समझेंगे की crypto money laundering कैसे होता है, क्रिमिनल्स कैसे इसे इस्तेमाल करते हैं, और ऑथॉरिटीज़ किस तरह से इसे रोक सकते है।
Crypto Money Laundering क्या होता है?
Crypto money laundering का मतलब है गैरक़ानूनी पैसे को क्रिप्टो ट्रांसेक्शन्स के मदद से छुपाना। ट्रेडिशनल मेथड्स जैसे hawala या फिजिकल कुरियर्स के जगह, crypto money laundering ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बड़े मात्रा में ट्रांसफर्स को अंजाम देता है। ऑफ-चैन ऑपरेशन्स में क्रिमिनल्स गैर कानूनी पैसा लेते हैं, फिर उससे ऑन-चैन ट्रांसफर करते हैं ताकि उनका ट्रैक न मिल सके।
क्रिप्टो एडॉप्शन के साथ-साथ इसका दुरूपयोग भी बढ़ रहा है, और ऑथॉरिटीज़ इसे रोकने के लिए नए क़ानून बना रहे हैं। 2023 में, गैर-कानूनी क्रिप्टो वॉलेट्स ने $22.2 billion हैंडल किया, जो 2022 में $31.5 billion था, जो इस समस्या के आकर को दर्शाता है।

Crypto Money Laundering के स्टेजेस क्या होते है?
Crypto money laundering एक सिस्टेमेटिक प्रोसेस होता है जो गैर कानूनी पैसे को छुपाने के लिए फॉलो किया जाता है। इसके स्टेप्स हैं:
स्टेप 1: क्रिमिनल्स गैर कानूनी पैसा इकठ्ठा करते हैं। उन्हें इन पैसों को रेगुलेटरी ऑथॉरिटीज़ के अटेंशन से बचाना होता है।
स्टेप 2: फिर, क्रिमिनल्स क्रिप्टो खरीदते हैं और क्रिप्टो एक्सचैंजेस पर ट्रांसेक्शन्स करते हैं, खास तौर पे उन एक्सचैंजेस पर जो AML (Anti-Money Laundering) रूल्स फॉलो नहीं करते।
स्टेप 3: यहाँ क्रिमिनल्स अपने ओनरशिप को छुपाते हैं। वो अपना क्रिप्टो अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांसफर करते हैं, एक क्रिप्टोकरेंसी को दूसरी में कन्वर्ट करते हैं। पैसा ऑफशोर और ऑनशोर एकाउंट्स के बीच भी ट्रांसफर होता है, ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो।
स्टेप 4: आखरी स्टेप है पैसे को सर्कुलेशन में डालना, जो ब्रोकर्स और डीलर्स के मदद से होता है। फिर वो पैसा रियल एस्टेट या हाई-एन्ड प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करते हैं बिना किसी के शक किए।
Crypto Money Laundering में कौनसे तरीके इस्तेमाल होते हैं?
Crypto Money Laundering को अंजाम देने के लिए क्रिमिनल्स कई तरीके अपनाते है, जैसे:
- नॉन-कॉम्पलिएंट सेंट्रलाइज्ड एक्सचैंजेस: क्रिमिनल्स नॉन-कॉम्पलिएंट एक्सचैंजेस या P2P प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं जहाँ वो क्रिप्टोकरेंसी को कैश में कन्वर्ट करते हैं। इसके लिए वो मिक्सर्स और DeFi प्रोटोकॉल्स जैसे इंटरमीडिएरीज़ का इस्तेमाल करते हैं।
- डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचैंजेस (DEXs): DEXs पियर-टू-पियर ट्रांसेक्शन्स को अलाव करते हैं बिना किसी सेंट्रल कण्ट्रोल के। इससे ट्रांसेक्शन्स ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है।
- मिक्सिंग सर्विसेस: क्रिप्टो मिक्सर्स पैसे को मिक्स करके रैंडम एड्रेससेस पर रीडिस्ट्रीब्यूट करते हैं, ताकि ओरिजिन छुप सके। जैसे Tornado Cash, जिसके मदद से 2019 से 2022 के बीच $7 billion से ज़्यादा पैसे लॉन्डर किए गए।
- ब्रिज प्रोटोकॉल्स: क्रॉस-चैन ब्रिजेस क्रिमिनल्स को अलग अलग ब्लॉकचैनस के बीच पैसा ट्रांसफर करने का ऑप्शन देते हैं, जिससे उनका ओरिजिन छुप जाता है।
- ऑनलाइन गैंबलिंग वेबसाइट्स: ऑनलाइन गैंबलिंग वेबसाइट्स को क्रिमिनल्स गैर कानूनी पैसे लॉन्डर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जहाँ वो ट्रेसेबल और अंजान सोर्सेस से पैसा ट्रांसफर करते हैं।
- नेस्टेड सर्विसेस: यहाँ प्लेटफॉर्म्स के कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स कमज़ोर होते हैं, जो क्रिमिनल्स को उनके ट्रांसेक्शन्स को छुपाने का मौका देते हैं।

Crypto Money Laundering में चुराए हुए पैसे कैसे ट्रैक होते है?
Crypto money laundering को ट्रैक करने के लिए सेंट्रलाइज्ड एक्सचैंजेस के डिपॉज़िट एड्रेस्सेस को मॉनिटर किया जाता है। जैसे 2023 में, 109 एड्रेससेस को $10 million से ज़्यादा गैर कानूनी क्रिप्टो मिला, जो $3.4 billion का था। क्रिमिनल्स अपने ट्रांसेक्शन्स को क्रॉस-चैन ब्रिजेस के मदद से भी मूव करते हैं, जो डिटेक्शन को और मुश्किल बना देते हैं। 2023 में गैर कानूनी ट्रांसफर्स $743.8 million तक पहुँच गए, जो 2022 में सिर्फ $312.2 million थे।

Crypto Money Laundering को कैसे रोक सकते है?
Crypto money laundering काफी तेज़ी से इवॉल्व हो रहा है और लॉ एन्फोर्सेर्स को जटिल ब्लॉकचैन एनालिटिक्स का इस्तेमाल करना पर रहा है ताकि गैर कानूनी ट्रांसेक्शन्स को ट्रैक कर सके। ऑथॉरिटीज़ अब ज़्यादा इक्विप्ड हैं, जैसे Silk Road केस में ब्लॉकचैन एनालिसिस ने क्रिमिनल एक्टिविटीज़ रिवील की थी। FATF और European Commission जैसे इंटरनेशनल ऑर्गनाइशन के साथ मिलके ऑथॉरिटीज़ हाई-रिस्क जुरिस्डिक्शन्स को जांच करते हैं और फिनांशियल सिस्टम को ख़तरों से बचाने के लिए एक्शन्स लेते हैं।
क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को बेहतर KYC (Know Your Customer) और AML (Anti-Money Laundering) को फॉलो करना होगा, ख़ास करके हाई-रिस्क ट्रांसेक्शन्स के लिए। रेगुलर ट्रांसेक्शन ऑडिट्स और मॉनिटरिंग करना भी ज़रूरी है, ताकि पोटेंशियल लॉन्डरिंग थ्रेट्स को जल्दी किया जा सके।
आखिर में…
Crypto money laundering डिजिटल ज़माने के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसमे हाई-टेक इनोवेशन और पुराने क्रिमिनल मोटिव्स का मिश्रण होता है। जैसे जैसे क्रिप्टो स्पेस बढ़ रहा है, वैसे वैसे इस समस्या को रोकने के तरीके को भी इवॉल्व हो रहे है ताकि इससे क्रिमिनल्स को कोई भी गलत फ़ायदा ना मिले।
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