पहले कुछ सालों तक, crypto trading के ऑप्शंस काफी सीमित थे और यूज़र्स को अक्सर अनरेगुलेटेड और रिस्की एक्सचैंजेस के साथ डील करना पड़ता था। पहले कई सारे एक्सचैंजेस हैक हो गए थे, जैसे की Mt. Gox, जिसमे यूज़र्स के फंड्स चले गए और उनकी सारी प्राइवेट जानकारी भी चोरी हो गयी थी। इस वजह से यूज़र्स को पियर-टू-पियर ट्रेडिंग का रास्ता अपनाना पड़ा, जो की काफी धीमा और जटिल था।
आज कल बहुत सारे ऐसे क्रिप्टो एक्सचैंजेस लॉंच हो गए हैं जो क्रिप्टो इन्वेस्टर्स के लिए एक आसान ट्रेडिंग का एक्सपीरियंस प्रदान करते है। लेकिन अभी भी यूज़र्स के लिए यह समझना मुश्किल होता है की किस एक्सचेंज से शुरू करें। तो चलिए, इस बात को बेहतर तरीके से समझते हैं और देकते हैं की आप भारत में crypto trading कैसे शुरू कर सकते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी क्या है?
भारत में अपना crypto trading सफर शुरू करने से पहले, आपके लिए क्रिप्टोकरेंसी को समझना ज़रूरी है। क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है जो ट्रांसेक्शन्स को वेरिफाई करने के लिए बैंक्स पर निर्भर नहीं करता। यह एक पियर-टू-पियर सिस्टम है जो किसी भी इंसान को कहीं से भी पेमेंट्स भेजने और रिसीव करने की सुविधा देता है। क्रिप्टो पेमेंट्स फिजिकल पैसे की तरह नहीं होते, जो आप रियल वर्ल्ड में लेकर चल सकते हैं, बल्कि यह सिर्फ एक डिजिटल एंट्री होती है जो किसी विशिस्ट ट्रांसेक्शन्स को बयान करती है। जब आप क्रिप्टो ट्रांसफर करते हैं, तो यह ट्रांसेक्शन्स पब्लिक लेजर में रिकॉर्ड होते हैं।
पहली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin थी, जो 2009 में लॉंच हुई और आज भी सबसे जानी मानी क्रिप्टोकरेंसी है। अब जब हमने क्रिप्टो के बारे में समझ लिया है, तो अब हमे यह समझना होगा की भारत में crypto trading शुरू करने के लिए कौनसा प्लेटफार्म सबसे बेहतर है।
सनक्रिप्टो के साथ Crypto Trading कैसे शुरू करें?
सनक्रिप्टो भारत का एक FIU-रजिस्टर्ड क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है जो 2021 में अपने लॉंच के बाद से 25 lakh से ज़्यादा यूज़र्स को आकर्षित कर चूका है। सनक्रिप्टो को Mr. Umesh Kumar (CEO) और Mr. Pramod Yadav (Co-founder और CTO) ने शुरू किया था। ये प्लेटफार्म अपने बेहतरीन crypto trading एक्सपीरियंस के लिए काफी जल्दी मशहूर हो गया। बस यही नहीं, ये प्लेटफार्म 350+ कॉइंस को INR ट्रेडिंग पेयर्स में और 100+ कॉइंस को USDT पेयर्स में ऑफर करता है।
सनक्रिप्टो पर crypto trading शुरू करना काफी आसान और यूज़र-फ्रेंडली है। सबसे पहले आपको सनक्रिप्टो एप डाउनलोड करना होगा, जो Play Store (Android यूज़र्स के लिए) या App Store (iOS यूज़र्स के लिए) से मिल सकता है। एप इनस्टॉल करने के बाद, आप अपना मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस वेरीफाई करके साइन अप कर सकते हैं।
उसके बाद, आपके लिए Know Your Customer (KYC) की प्रक्रिया को पूरा करना ज़रूरी है ताकि आपके अकाउंट की सुरक्षा और वैधता को सुनिश्चित किया जा सके। सनक्रिप्टो दो तरीके से KYC पूरी करवाता है- पहला है Auto KYC, जिसमे आप अपने डाक्यूमेंट्स DigiLocker से तुरंत वेरीफाई कर सकते हैं। दूसरा है Manual KYC , जहा आपको अपने डाक्यूमेंट्स सबमिट करने पड़ते हैं, जिसे सनक्रिप्टो की KYC टीम रिव्यु करेगी।
KYC पूरी होने के बाद, आप अपने बैंक अकाउंट को प्लेटफार्म से लिंक कर सकते हैं। सनक्रिप्टो IMPS, UPI, और बैंक ट्रांसफर जैसे कई डिपॉज़िट के रास्ते सपोर्ट करता है, जिससे आप अपने वॉलेट में INR डिपॉज़िट कर सकते हैं और तुरंत अपनी crypto trading शुरू कर सकते हैं।

सनक्रिप्टो INR और USDT पेयर्स में crypto trading को सपोर्ट करता है, जो यूज़र्स को क्रिप्टो बाई और सेल करते वक़्त फ्लेक्सिबिलिटी देता है। कॉइन खरीदने के लिए, आपको पहले INR से USDT खरीदना होता है। फिर आप अपने मनपसंद कॉइन को सर्च करके INR अमाउंट सेट करके अपने परचेस को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
जब सेल करने की बात होती है, तो उसकी प्रक्रिया भी काफी आसान है। सनक्रिप्टो पर आपका बस 1% TDS (Tax Deducted at Source) कटता है, जो की बाकि प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले काफी कम है, बस यही नहीं, सनक्रिप्टो आपके हर ट्रांसेक्शन पर बस 0.3% ट्रेडिंग फी चार्ज करता है, जो प्लेटफार्म के ऑपरेशन्स और सिक्योरिटी मेज़र्स को मेन्टेन करने में मदद करती है।
सनक्रिप्टो पे कुछ और ऐसे फीचर्स भी हैं जो crypto trading को और भी आसान बनाते हैं, जैसे:
- क्रिप्टो SIP: बिलकुल स्टॉक मार्केट के SIP की तरह, सनक्रिप्टो यूज़र्स को क्रिप्टो में सिस्टमैटिकली इन्वेस्ट करने का ऑप्शन देता है। यह उन लोगों के लिए है जो समय के साथ अपना क्रिप्टो पोर्टफोलियो बिल्ड करके crypto trading शुरू करना चाहते है।
- स्टेकिंग: अगर आप अपने एसेट्स पर रिवार्ड्स कमाना चाहते हैं, तो सनक्रिप्टो स्टेकिंग ऑप्शन भी ऑफर करता है। स्टेकिंग से आप क्रिप्टो नेटवर्क के ऑपरेशन्स में भाग लेकर रिवार्ड्स कमा सकते हैं।
- एल्गो ट्रेडिंग: अगर आप एक स्वचालित और स्ट्रेटेजिक एप्रोच चाहते हैं, तो सनक्रिप्टो अल्गोरिथ्मिक ट्रेडिंग भी प्रोवाइड करता है, जो अपने आप आपके स्ट्रैटेजिज़ को एक्सेक्यूट करता है।
- प्रो डेस्कटॉप वर्शन: एडवांस्ड ट्रेडर्स के लिए, सनक्रिप्टो एक प्रो डेस्कटॉप वर्शन भी ऑफर करता है, जो आपके crypto trading को और भी आसान बनाता है।
2025 में Crypto Trading के लिए क्या फीचर्स आने वाले है?
सनक्रिप्टो 2025 में कुछ ऐसे नए फीचर्स लॉंच करने वाला है जो आपके crypto trading एक्सपीरियंस को और भी बेहतर बनाएंगे:
- Sun Alpha: यह फीचर आपको सभी वर्तमान और आने वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड इनसाइट्स देगा, जैसे उनका फ्यूचर स्कोप और प्राइस प्रेडिक्शन।
- लेवरेज टोकंस: यह एक क्रिप्टो डेरिवेटिव प्रोडक्ट है जो आपको किसी भी अंडरलाइंग एसेट को एम्प्लिफाई करने का मौका देते है।
- फ्यूचर ट्रेडिंग: फ्यूचर ट्रेडिंग में आप एसेट्स को एक पूर्वनिर्धारित प्राइस पर फ्यूचर डेट पे बाई या सेल करते हैं।
आखिर मे…
जैसे-जैसे क्रिप्टो मार्केट बड़ा हो रहा है, वैसे-वैसे सनक्रिप्टो जैसे प्लेटफॉर्म्स crypto trading को ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक एक्सेसिबल बना रहे हैं। अपने अनोखे फीचर्स और यूज़र-फ्रेंडली इंटरफ़ेस के साथ, सनक्रिप्टो शुरूआती और अनुभवी ट्रेडर्स दोनों के लिए एक बढ़िया एक्सपीरियंस ऑफर करता है। अगर आप क्रिप्टो में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो सनक्रिप्टो आपको crypto trading के दुनिया में सफलता दिलाने का सबसे बेहतर जरिया है।
डिस्क्लेमर: क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेनदेन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामक सहारा नहीं हो सकता है। प्रदान की गई सभी सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, और निवेश सलाह के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जाएगा। हम आपको सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया स्वयं शोध करें या किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।आप हमें [email protected] पर लिख सकते हैं।