क्रिप्टो ने कई नए और एक्ससाइटिंग संभावनाएं सामने लायी हैं, लेकिन इसके साथ कुछ छुपे हुए खतरे भी आए हैं। सोचो, आपका डिवाइस अचानक स्लो हो जाता है, बैटरी जल्दी ख़तम हो रही है, और फैन भी लगातार चल रहा है, पहली बार में तुम्हे ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जो यह चल रहा है, उसके पीछे एक बड़ी थ्रेट हो सकती है – Cryptojacking। ये एक कॉमन साइबर अटैक है जो किसी भी इंसान के साथ हो सकता है। चलो, इसके बारे में डिटेल में समझते हैं।
Cryptojacking क्या है?
Cryptojacking को गैरक़ानूनी क्रिप्टोमाइनिंग भी कहा जाता है। ये एक ऐसा खतरा है जो आपके कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस में छुप जाती है और फिर उसके रेसौर्सेस को इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी माइन करती है।
जब हैकर आपके डिवाइस पर cryptojacking करता है, तो वो डिवाइस के कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल करके काम्प्लेक्स मैथ प्रोब्लेम्स सॉल्व करता है। इन प्रोब्लेम्स को सॉल्व करने पर उन्हें क्रिप्टो मिलता है, जो एक्सचैंजेस पे ट्रेडेबल होती है और फ़िएट करेंसी में कन्वर्ट भी की जा सकती है।
Cryptojacking कैसे काम करता है?
Cryptojacking मैलवेयर या drive-by cryptomining के ज़रिए होता है। जब हैकर मैलवेयर का इस्तेमाल करता है, तो आपके कंप्यूटर का एक हिस्सा कण्ट्रोल हो जाता है।
ये प्रोसेस कुछ इस तरह से काम करता है:
- आप एक लिंक पर क्लिक करते है जो ईमेल में दिया होता है। ये ईमेल और लिंक बिलकुल इनोसेंट लगते हैं।
- लिंक पर क्लिक करते ही क्रिप्टोमाइनिंग का कोड आपके कम्प्यूटर में लोड हो जाता है, जो बैकग्राउंड में एक माइनिंग स्क्रिप्ट दाल देता है।
- यह स्क्रिप्ट आपके डिवाइस के कंप्यूटिंग पावर को कैप्चर कर लेती है और क्रिप्टोकरेंसी माइन करती है।
- Cryptojacker क्रिप्टोकोर्रेंसी को मॉनिटर करता है और अपने डिजिटल वॉलेट में कलेक्ट करता है।
Cryptojacking कितने प्रकार के होते है?
Cryptojacking कई प्रकार के होते हैं, और जैसे-जैसे ये अटैक इवॉल्व होता है, नए मेथड्स भी सामने आते हैं। इनमे से कुछ है:
- IoT क्रिप्टोजैकिंग : IoT डिवाइसेस, जैसे स्मार्ट होम गैजेट्स, भी टारगेट होते हैं, जो सिक्योरिटी मेज़र्स में कमज़ोर होते हैं। यह डिवाइसेस अटैकर्स के लिए माइनिंग का टूल बन जाते हैं।
- फाइल-बेस्ड क्रिप्टोजैकिंग: जब आप अपने डिवाइस में मैलवेयर इनस्टॉल करते हो तब फिशिंग इमेल्स या फेक सॉफ्टवेयर अपडेट्स के ज़रिए ये अटैक होता है।
- क्लाउड क्रिप्टोजैकिंग: जैसे-जैसे क्लाउड सर्विसेस ज़्यादा हो रही हैं, हैकर्स क्लाउड-बेस्ड सिस्टम्स को टारगेट करते हैं और उसमे क्रिप्टो माइनिंग सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करते हैं।
Cryptojacking से कैसे बचा जाए?
Cryptojacking से बचने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हो:
- एक भरोसेमंद एंटीवायरस इंसटाल कीजिए: स्ट्रांग एंटीवायरस प्रोग्राम आपके डिवाइस में cryptojacking मैलवेयर को डिटेक्ट कर सकता है। रेगुलरली एंटीवायरसी सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहिए।
- संदेहजनक लिंक्स और इमेल्स से बचके रहना: फिशिंग इमेल्स या संदेहजनक लिंक्स से दूर रहना। बिना जाने किसी सोर्स से अटैचमेंट्स या सॉफ्टवेयर कभी मत डाउनलोड करना।
- सॉफ्टवेयर को अपडेटेड रखना: ऑउटडेटेड सॉफ्टवेयर को हैकर्स एक्सप्लॉइट करते हैं, तो अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र, और ऍप्स को हमेशा अपडेटेड रखना।
- डिवाइस की परफॉरमेंस को मॉनिटर कीजिए: अपने डिवाइस के CPU यूसेज और टेम्परेचर को मॉनिटर कीजिए। अगर कुछ समझ नहीं आ रहा या स्पाइक्स हो रहे हैं तो ये एक अटैक का साइन हो सकता है।
- ब्राउज़र एक्सटेंशन का इस्तेमाल कीजिए: कुछ ब्राउज़र एक्सटेंशन्स, जैसे No Coin और MinerBlock, खासकर इन्ही क्रिप्टो माइनिंग स्क्रिप्ट्स को ब्लॉक करने के लिए बनाए गए हैं।
- JavaScript को डिसएबल करिए: ये वेबसाइट की फंक्शनलिटी को कम कर सकता है, लेकिन हां, JavaScript को डिसएबल करके आप cryptojacking को काफी हद तक रोक सकते हो।
आखिर मे…
Cryptojacking कई तरीकों से हो सकती है, जो पर्सनल कम्प्यूटर्स से लेकर IoT डिवाइसेस तक को एफेक्ट करते हैं। लेकिन हाँ, अगर हम समझदारी से काम लेते है तो हम इस अटैक का रिस्क कम कर सकते हैं और अपने डिवाइसेस और नेटवर्क्स को पूरी तरीके से बचा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेनदेन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामक सहारा नहीं हो सकता है। प्रदान की गई सभी सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, और निवेश सलाह के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जाएगा। हम आपको सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया स्वयं शोध करें या किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।आप हमें [email protected] पर लिख सकते हैं।

