Hashed Emergent का 2024 India Web3 Landscape Report इस चेंज को साफ़ तरीके से समझाता है, और यह रिपोर्ट हमें Indian Blockchain Industry के ट्रेंड्स, चैलेंजेज, और भविष्य के बारे में डिटेल्ड इनसाइट्स देती है। आज हम Indian blockchain industry के वर्तमान स्थिति को समझेंगे, साथ में इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स, रेगुलेटरी हर्डल्स, और इंस्टीटूशनल पार्टिसिपेंट्स के बढ़ते प्रभाव पर फोकस करेंगे।
भारत का ब्लॉकचैन इकोसिस्टम पिछले कुछ सालों में काफी तेज़ी से बदला है। पहले ये स्पेस सिर्फ रिटेल ट्रेडर्स के लिए था, जहाँ लोग क्रिप्टो एसेट्स को टेस्ट कर रहे थे। आज के दिन में, ये एक रैपिडली ग्रोइंग इंडस्ट्री बन गयी है, जहाँ enterprise adoption बढ़ रहा है, डेवलपर एक्टिविटी में ग्रोथ हो रही है, और इन्वेस्टमेंट भी सर्ज कर रहा है।
Indian Blockchain Industry को ग्रोथ कहा से मिल रही है?
कुछ साल पहले, Indian blockchain industry को ज़्यादा तर स्पेक्युलेटिव रिटेल इन्वेस्टर्स का स्पेस माना जाता था। लेकिन आज की तारीख में, ये लैंडस्केप काफी बदल गया है। 2024 के India Web3 Landscape Report के मुताबिक, भारत अब क्रिप्टो एडॉप्शन में ग्लोबल लीडर बन गया है, और हर साल Chainalysis जैसे global adoption indices में टॉप पे रैंक कर रहा है। ये ग्रोथ खासकर भारत के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम से आ रही है, जहाँ ब्लॉकचैन इंफ्रास्ट्रक्चर और फिनांशियल सर्विसेस में काफी इन्वेस्टमेंट हो रही है।

2024 तक, भारत में 1,200 से ज़्यादा Web3 startups हैं, जो डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस, ब्लॉकचैन इंफ्रास्ट्रक्चर, और डिजिटल एंटरटेनमेंट पे फोकस कर रहे हैं। टोटल फंडिंग $3 billion पार कर गयी है, और ब्लॉकचैन स्टार्टअप्स को फंडिंग में 109% का सर्ज देखने को मिला है, जो 2024 में $564 million तक पहुंच गया है। इतने अच्छे फिगर्स होने के बाद भी, Indian Blockchain Industry में चुनौतियाँ अभी भी हैं, जैसे की अर्ली-स्टेज फंडिंग के बाद स्केलिंग और भारत की जटिल रेगुलेटरी एनवायरनमेंट को नेविगेट करना।
Indian Blockchain Industry की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
Indian blockchain industry की ग्रोथ के आगे रेगुलेटरी अनिश्चितता एक बहुत बड़ी रुकावट है। इस देश में क्रिप्टो के प्रति सरकर का नज़रिया समय के साथ बदलता रहता है। पहले तो इसे बेन करने का विचार था, लेकिन अब थोड़ा अलग एप्रोच लिया गया है। इससे स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स को अस्पष्ट taxation policies और regulatory compliance का सामना करना पड़ रहा है। क्रिप्टो इनकम पे 30% फ्लैट टैक्स और हर ट्रांसेक्शन पे 1% Tax Deducted at Source (TDS) लगाना रिटेल ट्रेडर्स और ब्लॉकचैन एंट्रेप्रेन्योर्स के लिए काफी दिक्कत पैदा कर रही है।
Reserve Bank of India (RBI) भी डिजिटल एसेट्स को लेकर सावधानी बरत रहा है और Central Bank Digital Currency (CBDC) की एडॉप्शन को प्रेफर कर रहा है, जो प्राइवेट क्रिप्टोकरेन्सिस के खिलाफ है। हालाँकि थोड़ी प्रोग्रेस हुई है, जैसे International Financial Services Centres Authority (IFSCA) ने रेगुलेटरी सैंडबॉक्स अप्रूवल्स दिए हैं, लेकिन ओवरआल रेगुलेटरी एनवायरनमेंट अब भी बिखरा पड़ा है।

Indian Blockchain Industry में Gen Z का क्या रोल है?
Indian Blockchain Industry अब इन्वेस्टर डेमोग्राफिक्स में काफी बदलाव देख रहा है। Gen Z, जो अब भारत के क्रिप्टो इन्वेस्टर बेस का 35% है, Memecoins और स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग में एक बड़ा रोल प्ले कर रहा है। Memecoin ट्रेडिंग वॉल्यूम्स 2024 में पांच गुना बढ़ गए थे, जहाँ जवान इन्वेस्टर्स शार्ट-टर्म, हाई-रिस्क वाले मौको पे फोकस कर रहे हैं।
Gen Z की बढ़ती पार्टिसिपेशन मार्केट में प्राइस ग्रोथ की वजह से हो रहा है, जहाँ काफी लोग अपने पोर्टफ़ोलिओस को Bitcoin और Ethereum जैसे बड़े क्रिप्टोकरेन्सिस में ज़्यादा एलोकेट कर रहे हैं। Futures and Options trading भी जवान ट्रेडर्स में काफी पॉपुलर हो रहा है, जहाँ 66% क्रिप्टो डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स 35 साल से कम उम्र के हैं।
रिटेल इन्वेस्टर्स का दबदबा है, जहाँ 96% ट्रेड्स $12 से कम होते हैं, जिससे Indian blockchain industry में एक काफी मज़बूत इंगेजमेंट देखने को मिल रहा है, जहाँ 45% ट्रेडर्स रोज़ एक्टिव रहते हैं।
आखिर में…
Indian blockchain industry दुनिया के सबसे डायनामिक और रैपिडली ग्रोइंग मार्केट्स में से एक है। इंडस्ट्री ने एडॉप्शन, फंडिंग, और इनोवेशन के मामले में काफी बड़े कदम लिए हैं, लेकिन रेगुलेटरी अनिश्चितता अभी भी एक बड़ी चुनौती है। सरकार का टैक्सेशन और कंप्लायंस को लेकर क्लैरिटी देना Indian blockchain industry के भविष्य को शेप करने में एक काफी एहम भूमिका निभाएगी। अगर ये चुनौतियां एड्रेस किए जाते हैं, तो भारत ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बन सकता है।
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