2009 में Bitcoin के लांच होने के बाद, डिजिटल करेंसी का विचार पूरे दुनिया में फ़ैल गया। लेकिन शुरू से ही Bitcoin में कुछ कमियां थी। पहली, इस कॉइन को माइन करने के लिए काफी ज़्यादा कम्प्यूटेशनल पावर चाहिए थी, दूसरी,इस कॉइन की ट्रांसेक्शन स्पीड काफी धीमी थी। इन कमियों को ध्यान में रखते हुए, एक हल्का फुल्का डिजिटल करेंसी; Litecoin, मार्केट में लाया गया, जो बाद में एक काफी ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला डिजिटल करेंसी बन गया। चलिए आज इसी कॉइन को विस्तार से समझते है।
Litecoin क्या होता है?
Litecoin एक डीसेंट्रलाइज्ड डिजिटल करेंसी है जो 2011 में Bitcoin के विकल्प के रूप में बनायीं गयी थी। इन कॉइंस को ‘altcoin’ कहा जाता है क्यूंकि ये ट्रेडिशनल डिजिटल करेंसी जैसे Bitcoin के ‘alternative’ के रूप में बनाए गए हैं। इस कॉइन को Charlie Lee ने बनाया था, जो उस समय Google में इंजीनियर थे।
LTC को बनाने का उद्देश्य यह था की एक ऐसी डिजिटल करेंसी बनायीं जाए जो ज़्यादा अफोर्डेबल हो और हर किसी के लिए इस्तेमाल करने लायक हो।
शुरुवात से ही इस कॉइन को इन्वेस्टर्स ने काफी पसंद किया, जिस वजह से यह मार्केट में अपने लिए एक अच्छी जगह बना पाया। आज ₹784.36B के मार्केट कैप के साथ Litecoin ₹10,338 पर ट्रेड कर रहा है। निचे दिए हुए ग्राफ से आपको इस कॉइन के प्राइस सर्ज का अंदाज़ा हो जायेगा।

Litecoin के क्या लाभ है?
- कम ट्रांसेक्शन कॉस्ट: जब भी कोई यूज़र डिजिटल करेंसी से पेमेंट करता है, तो उसे एक छोटी सी ट्रांसेक्शन फी देनी पड़ती है, जो एहम रूप से माइनिंग और वेलिडेशन नोड्स को दी जाती है। Litecoin जैसे डिजिटल करेंसी के ट्रांसेक्शन फीस Bitcoin से बहुत कम होती हैं, जो पेमेंट्स को ज़्यादा अफोर्डेबल बनाता है, सिर्फ विशिष्ट यूज़र्स के लिए ही नहीं, व्यापार के लिए भी।
- तेज़ सेटलमेंट: ब्लॉकचैन पर हर ट्रांसेक्शन एक ब्लॉक के रूप में ऐड होता है। Bitcoin ब्लॉकचैन को हर ब्लॉक जेनरेट करने में 10 मिनट लगते हैं, जबकि LTC ब्लॉकचैन को हर ब्लॉक जेनरेट करने में सिर्फ 2.5 मिनट ही लगते हैं। इसलिए यह कॉइन Bitcoin से 4 गुणा तेज़ है।
- एनर्जी एफिशिएंसी: Litecoin में जो Scrypt अल्गोरिथम का इस्तेमाल होता है, वो Bitcoin के SHA-256 अल्गोरिथम से काफी कम प्रोसेसिंग पावर लेता है, जिसकी वजह से इस टोकन की ट्रांसेक्शन एनर्जी एफिशियंट होते हैं।
Litecoin Mining क्या होता है?
Litecoin अपने ट्रांसेक्शन्स को वैलिडेट करने के लिए, नेटवर्क को सिक्योर करने के लिए, और नए कॉइंस को मिंट करने के लिए एक प्रोसेस का इस्तेमाल करता है जिसे माइनिंग कहा जाता है। Litecoin mining, Bitcoin माइनिंग की तरह ही है, जिसमे ट्रांसेक्शन्स को वैलिडेट करके उन्हें ब्लॉकचैन में ऐड किया जाता है। जो कम्प्यूटर्स यह काम करते हैं, उन्हें उनकी मेहनत का पुरस्कार मिलता है LTC के एक हिस्से के रूप में। यह क्रिप्टो-माइनिंग मेथड “proof-of-work” (PoW) कहलाता है।
Litecoin mining करने के लिए, कम्प्यूटर्स को एक क्रिप्टोग्राफ़िक पज़ल को सुलझाना पड़ता है। जो पहले सुलझा सकता है, उसे पुरस्कार मिलता है।
जितने ज़्यादा माइनर्स नेटवर्क से जुड़े होते हैं, उतनी ही ज़्यादा लोग LTC लेजर को देख सकते हैं, जो डीसेंट्रलाइज़ेशन को सस्टेन करता है और सिंगल पॉइंट्स ऑफ़ फेलियर को हटाता है। जितनी ज़्यादा कम्प्यूटेशनल पावर माइनिंग में लगती है, उतनी ही नेटवर्क की सिक्योरिटी बेहतर होती है।
सनक्रिप्टो पर Litecoin कैसे खरीदे?
भारत में Litecoin या कोई भी क्रिप्टोकरेंसी खरीदना काफी सिंपल है, लेकिन एक भरोसेमंद एक्सचेंज ढूँढना कभी कभी चैलेंजिंग हो सकता है।
अच्छी बात ये है की सनक्रिप्टो एक ट्रस्टेड प्लेटफार्म है जो सारे रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स को फॉलो करता है, इसलिए ये इंडियन क्रिप्टो ट्रेडर्स के लिए एक शानदार चॉइस है। यह रहा आपके लिए एक स्टेप-बाई-स्टेप गाइड, जो आपको सनक्रिप्टो पर LTC खरीदने में मदद करेगी:
- सनक्रिप्टो अप्लीकेशन को Google App Store या Apple App Store से डाउनलोड करें।
- रजिस्ट्रेशन और KYC प्रोसेस कम्पलीट करें, और फिर बस अपना बैंक अकाउंट सनक्रिप्टो एप्लीकेशन पे ऐड करें।
- LTC खरीदने के लिए, सनक्रिप्टो पे INR डिपाजिट करें IMPS, UPI, या बैंक ट्रांसफर के थ्रू।
- फिर INR Market Section से Litecoin को सर्च करें और उसपे क्लिक करें।
- PAY बटन पे क्लिक करें और MPIN डालके LTC को खरीदे और अपनी ट्रांसेक्शन को सफलतापूर्वक पूरी करे।
जब आपका परचेस हो जाए, आप अपने LTC होल्डिंग्स को पोर्टफोलियो सेक्शन में चेक कर सकते हैं।
आखिर में…
Litecoin एक काफी मशहूर क्रिप्टोकरेंसी है जो 2011 में लांच होने के बाद से ही इन्वेस्टर्स को काफी पसंद आ रही है। यह Bitcoin और क्रिप्टो इकोसिस्टम में एक एहम भूमिका निभाती है। Bitcoin से मिलता-जुलता होने की वजह से इस कॉइन को प्रोटोकॉल अपग्रेड्स को टेस्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आज कल मार्केट में बहुत सारे ऐसे क्रिप्टोकरेंसी आ गए है जो फ़ास्ट और चीप ट्रांसेक्शन्स दे सकते है, लेकिन इस टोकन का इतिहास और ब्लॉकचैन की स्टेबिलिटी अभी भी इसे डेली पेमेंट्स का लीडर बनाता है।
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