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Crypto Slippage क्या है? इसके प्रभाव को कैसे कम करे?

Crypto Slippage के काफी कारण हो सकते हैं। अगर आप इन्हे समझ लेते हैं, तो आप अपने ट्रेड्स को और भी बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।

क्रिप्टो ट्रेडिंग दिन प्रति दिन मशहूर होती जा रही है। लोग इससे प्रॉफिट कमाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा इन्वेस्ट कर रहे हैं। लेकिन जब आप क्रिप्टो ट्रेडिंग करते हैं, तो आपको एक शब्द अक्सर सुनने को मिलता है, और वो है Crypto Slippage। ये शब्द शुरुवाती ट्रेडर्स के लिए थोड़ा कंफ्यूसिंग हो सकता है, पर अगर आप इसे समझ लेते हैं, तो आप अपनी ट्रेडिंग को काफी बेहतर तरीके से हैंडल कर सकते हैं। इसी बात पर, आइये समझते है Crypto Slippage क्या है, इसके होन के क्या कारण हैं, और कैसे आप इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं?

Crypto Slippage होता क्या है?

Crypto Slippage तब होता है जब ट्रेड करते वक़्त आपका एक्सपेक्टेड प्राइस एक्सेक्यूट हुए प्राइस से अलग हो। 

मान लीजिए, आप किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को ₹1000 में खरीदना चाहते हैं, लेकिन जब आपका आर्डर एक्सेक्यूट होता है, तो प्राइस ₹1050 हो जाता है। यहाँ पर जो ₹50 का अंतर आता है, वो Crypto Slippage कहलाता है। क्रिप्टो मार्केट्स में स्लिपेज काफी आम बात है, ख़ास कर जब मार्केट वोलेटाइल हो, या जब लिक्विडिटी कम हो। 

स्लिपेज दरअसल दो तरह के हो सकते है — पॉजिटिव और नेगेटिव। पॉजिटिव स्लिपेज तब होता है जब प्राइस आपके फेवर में मूव होता है, मतलब आप जो प्राइस एक्सपेक्ट कर रहे थे उससे बेहतर प्राइस पे ट्रेड हो जाता है। नेगेटिव स्लिपेज तब होता है जब प्राइस आपके अगेंस्ट मूव करता है, और आपको इससे कम प्रॉफ़िट्स मिलते है।

Crypto-Slippage

Crypto Slippage के क्या कारण है?

Crypto Slippage के काफी कारण हो सकते हैं। अगर आप इन्हे समझ लेते हैं, तो आप अपने ट्रेड्स को और भी बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं। आइये इनमे से कुछ कारणों को समझते है:

  1. मार्केट वोलैटिलिटी

क्रिप्टोकरेंसी काफी वोलेटाइल होते हैं, मतलब उनका प्राइस काफी जल्दी बदल सकता है। जब मार्केट में हाई वोलैटिलिटी हो, तो आपका आर्डर एक्सेक्यूट होने तक प्राइस काफी हद तक बदल सकता है। इसलिए, स्लिपेज ज़्यादातर तब होता है जब मार्केट में काफी बड़ी मूवमेंट्स हो रही हो। 

  1. कम लिक्विडिटी

लिक्विडिटी का मतलब होता है मार्केट में कितनी बाई और सेल ऑर्डर्स अवेलेबल हैं। अगर मार्किट में लिक्विडिटी कम है, तो स्लिपेज ज़्यादा होता है। जब खरीदने वाले और बेचने वाले कम होते हैं, तब प्राइस भी काफी तेज़ी से मूव कर सकता है, और आपको वो प्राइस नहीं मिलता जो आपने एक्सपेक्ट किया था। 

  1. आर्डर का साइज़

अगर आप बहुत बड़ा आर्डर प्लेस कर रहे हैं, तो आपके आर्डर को एक्सेक्यूट करते वक़्त प्राइस पर प्रभाव पड सकता है। अगर मार्केट में आपके आर्डर साइज़ के बराबर कोई भी ऑर्डर्स नहीं हैं, तो आपका आर्डर मार्केट को मूव कर सकता है, जिससे crypto slippage हो सकता है। ये खास कर छोटे और कम लिक्विडिटी वाले कॉइंस के साथ होता है। 

  1. एक्सचेंज का परफॉरमेंस

क्रिप्टो एक्सचेंज की परफॉरमेंस भी crypto slippage पर गहरा प्रभाव दाल सकती है। अगर एक्सचेंज का आर्डर मैचिंग सिस्टम स्लो है, या कोई डिले हो रहा है, तो स्लिपेज हो सकता है। जब मार्केट में बहुत ज़्यादा डिमांड हो, तब एक्सचेंज को ऑर्डर्स को जल्दी एक्सेक्यूट करना होता है, और अगर वो नहीं कर पाता, तो स्लिपेज हो सकता है।

Crypto Slippage के प्रभाव को कम कैसे करे?

क्रिप्टो ट्रेडिंग में crypto slippage को पूरी तरह से टालना मुमकिन नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे स्ट्रैटेजीस हैं जिससे ट्रेडर्स उसका प्रभाव कम कर सकते हैं। 

पहली स्ट्रेटेजी है मार्केट ऑर्डर्स के बजाए लिमिट ऑर्डर्स का इस्तेमाल करना। लिमिट आर्डर एक ऐसा आर्डर होता हैं जिसमे आप एक स्पेसिफिक प्राइस पे या उससे बेहतर प्राइस पर कॉइन ट्रेड करते हैं। इससे ट्रेडर्स को अपनी ट्रेड करने की मैक्सिमम या मिनिमम प्राइस सेट करने का ऑप्शन मिलता है, जो नेगेटिव स्लिपेज से बचा सकता है। 

दूसरी स्ट्रेटेजी है स्लिपेज टॉलरेंस सेट करना। ये एक ऐसी सेटिंग होती है जिसमे ट्रेडर्स यह स्पेसिफाई करते हैं की वो कितना स्लिपेज स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। अगर स्लिपेज उस लिमिट से ज़्यादा हो जाता है, तो आर्डर एक्सेक्यूटे नहीं होता। 

आखरी स्ट्रेटेजी है हाई लिक्विडिटी वाले प्लेटफॉर्म्स को चूज़ करना। ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडर्स ज़्यादा होते हैं, जिस से ऑर्डर्स के मन मुताबिक प्राइस पे फील होने का चांस बढ़ जाता है, और स्लिपेज कम होता है।

आखिर में…

Crypto slippage एक बहुत ही आम दिक्कत है जो हर क्रिप्टो ट्रेडर को झेलना पड़ता है। मार्केट की वोलैटिलिटी और लिक्विडिटी के वजह से स्लिपेज हो सकता है। लेकिन अगर आपको इसके कारण पाता हो, और आप लिमिट ऑर्डर्स का इस्तेमाल करें, मार्केट टाइमिंग को समझें, और अपने ऑर्डर्स को छोटे ऑर्डर्स में भाग करे, तो आप इसके प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेनदेन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामक सहारा नहीं हो सकता है। प्रदान की गई सभी सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, और निवेश सलाह के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जाएगा। हम आपको सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया स्वयं शोध करें या किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।आप हमें help@suncrypto.in पर लिख सकते हैं।

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