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China पर लगा 104% US Tariffs – क्रिप्टो मार्केट पर इसका असर क्या होगा?

Trump ने China पर 104% का US Tariffs लगा दिया है, जो ग्लोबल ट्रेड के लिए एक बड़ा मोमेंट है, जिसका इन्फ्लेशन, इकनोमिक स्टेबिलिटी और क्रिप्टो मार्केट पर एक गहरा असर होगा।

9 अप्रैल, 2025 को United States ने China के इम्पोर्ट्स पर 104% का US tariffs लगा दिए, जो ग्लोबल ट्रेड एनवायरनमेंट में पहले से चल रही टेंशन्स को और बढ़ा रहा है। ये कदम, President Donald Trump के एग्रेसिव US tariffs पॉलिसी का हिस्सा है, जो American मैन्युफैक्चरिंग को रिवाइव करने का लक्ष्य रखता है, लेकिन इससे इन्फ्लेशन, इकनोमिक डिसरप्शन और मार्केट्स में वोलैटिलिटी, जैसे क्रिप्टोकरेन्सिस जैसे Bitcoin, Ethereum, Dogecoin, और XRP के लिए चिंता बढ़ गयी हैं। चलिए समझते है की China इन US tariffs पर कैसे रिस्पांस कर सकता है, और इसका ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट पर क्या प्रभाव पर सकता हैं।

US tariffs से China को क्यों टारगेट कर रहा हैं?

The Hindu के रिपोर्ट के मुताबिक, US tariffs, जो पहले Chinese गुड्स पर 34% the, अब 104% तक बढ़ गए हैं। President Trump की असली स्ट्रेटेजी ये है की Chinese कम्पनीज़ को प्रेशर में डालकर सारी मैन्युफैक्चरिंग को United States में लाया जाए, ताकि विदेशी इम्पोर्ट्स पे कम निर्भर हो सके। लेकिन ये एप्रोच इमीडियेट प्राइस हाइक्स ला रहा है, क्यूंकि कई बिज़्नेसेस US tariffs के कॉस्ट को कंस्यूमर्स पर डालेंगे।

ये पॉलिसी पहले से ग्लोबल मार्केट सेल-ऑफ़ का कारन बन चुकी है, जिसमे क्रिप्टोकरेन्सिस जैसे Bitcoin और Ethereum में तेज़ी से गिरावट देखने को मिली है, जबकि Dogecoin और XRP को भी अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है, और इन्वेस्टर्स एक बड़े इकनोमिक फॉलआउट के लिए तैयार हो रहे हैं।

US-Tariffs

अब China US Tariffs का रिस्पांस कैसे करेगा?

China ने US tariffs के खिलाफ “अंत तक लड़ने” का इरादा ज़ाहिर किया है, जो की एक अच्छे कॉउंटरस्ट्रेटेजी का सिग्नल है। Beijing अपने तरफ से और ज़्यादा tariffs लगा सकता है, जो की US एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट्स, टेक्नोलॉजी, और कंस्यूमर गुड्स को टारगेट कर सकते हैं, जो की उन American बिज़्नेसेस के लिए एक बुरा संकेत होगा, जो Chinese मार्केट्स पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा, China US Treasury होल्डिंग्स बेच सकता है साथ ही rare earth exports को रेस्ट्रिक्ट कर सकता है, जो टेक और डिफेंस इंडस्ट्रीज़ के लिए काफी ज़रूरी हैं। ये एक्शन्स ग्लोबल सप्लाई चेन्स को काफी नुक्सान पंहुचा सकते हैं, और जिसका असर Bitcoin और Ethereum जैसे एसेट्स पर भी हो सकता है।

Times of India के मुताबिक China का ये कॉन्फिडेंस की वो US tariffs को झेल सकता है, Premier Li Qiang के ज़रिए दिया गया है, जो ट्रेड पार्टनरशिप्स डाइवर्सिफाई करने के लिए एक लॉन्ग-टर्म एप्रोच दिखाता है, जिससे XRP की डिमांड क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसेक्शन्स में बढ़ सकती है और Dogecoin को अल्टेरनेटिव मार्केट्स में भी ट्रैक्शन मिल सकता है।

US Tariffs से इन्फ्लेशन कैसे बढ़ेगा?

इन्फ्लेशन एक मेजर कंसर्न है US tariffs के मामले में, क्यूंकि ये सीधा इम्पोर्टेड गुड्स के कॉस्ट को बढ़ाता हैं। Chinese प्रोडक्ट्स पर 104% का उदग्रहण, जो US tariffs का एक बड़ा हिस्सा है, कंस्यूमर गुड्स के प्राइसेस को और ज़्यादा बढ़ाने की संभावना रखता है। बिज़्नेसेस जो ये कॉस्ट्स अब्ज़ॉर्ब नहीं कर सकते, वो उन्हें कंस्यूमर्स तक पास-ऑन करेंगे, जिससे इन्फ्लेशन साल के अंत तक 4.4% तक बढ़ सकता है। ये Federal Reserve को इंटरेस्ट रेट कट्स रीकंसीडर करने पर मजबूर कर सकता है, जो Bitcoin, Ethereum, Dogecoin और XRP जैसे रिस्क एसेट्स को प्रभावित करेगा।

US-Tariffs

US Tariffs का क्रिप्टो मार्केट पर क्या असर पड़ेगा?

क्रिप्टो मार्केट, जैसे Bitcoin, Ethereum, Dogecoin, और XRP, ऐसे शिफ्ट्स के लिए काफी सेंसिटिव है, और US tariffs भी इससे अलग नहीं हैं। Bitcoin, जो tariff अनाउंसमेंट के बाद $75,000 के निचे चला गया था, अब $73,400 और $77,000 के बीच एक की डिमांड ज़ोन टेस्ट कर रहा है। अनलिस्ट्स सजेस्ट करते हैं की जबकि US tariffs शार्ट-टर्म सेल-ऑफ्स को ट्रिगर कर सकते हैं, Bitcoin इन्फ्लेशन और इकनोमिक कमज़ोरी के ख़िलाफ़ एक मज़बूत हेज के रूप में रिबाउंड कर सकता है, ख़ास करके अगर stagflation आता है।

Ethereum, जो टेक सेक्टर के परफॉरमेंस से काफी लिंक्ड है, कुछ इसी तरह की वोलैटिलिटी का सामना करेगा, जबकि Dogecoin और XRP स्पेक्युलेटिव इंटरेस्ट देख सकते हैं अल्टेरनेटिव एसेट्स के रूप में। CryptoQuant के डेटा से पता चलता है की लॉन्ग-टर्म Bitcoin होल्डर्स सेल कर रहे हैं, जो एक बियरीश सिग्नल है, जो प्राइसेस को $80,000 तक पुश कर सकता है अगर ये ट्रेंड आगे भी जारी रहा।

आखिर में…

Trump ने China पर 104% का US Tariffs लगा दिए है, जो ग्लोबल ट्रेड के लिए एक बड़ा मोमेंट है, जिसका इन्फ्लेशन, इकनोमिक स्टेबिलिटी और क्रिप्टो मार्केट पर एक गहरा असर होगा। China का रिस्पांस इसे एक ट्रेड वॉर में बदल सकता है, प्राइसेस को बढ़ा सकता है और सप्लाई चेन्स को तोड़ सकता है। इन्फ्लेशन का बढ़ना तो पक्का ही है, जबकि क्रिप्टोकरेन्सिस जैसे Bitcoin, Ethereum, Dogecoin, और XRP को एक मुश्किल प्राइस मूवमेंट का सामना करना पड़ेगा। 

डिस्क्लेमर: क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी अनियमित हैं और अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेनदेन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामक सहारा नहीं हो सकता है। प्रदान की गई सभी सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, और निवेश सलाह के रूप में इस पर भरोसा नहीं किया जाएगा। हम आपको सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया स्वयं शोध करें या किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।आप हमें help@suncrypto.in पर लिख सकते हैं।

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